बच्चों को रात को जल्दी सुलाने एवं सुबह जल्दी उठाने के आसान तरीके
बच्चों के सोने एवं उठने का सर्वश्रेष्ठ समय,बच्चों को रात को जल्दी सुलाने एवं सुबह जल्दी उठाने के आसान तरीके ( Tips to wake up toddlers early in the morning, and make a kid fall asleep in Hindi )
आज के इस आधुनिक एवं मॉडर्न जनरेशन में बड़ों के साथ-साथ बच्चे भी कहीं ना कहीं आलसी होते जा रहे हैं. सबसे पहले तो बड़ों को अपने दैनिक जीवन में पंक्चुअलिटी लानी चाहिए , क्योंकि बच्चे ही बड़ों की आदतों का अनुसरण करते हैं. इसीलिए खुद भी अपने दैनिक जीवन में सभी कार्यों को समय पर करना चाहिए, ताकि बच्चे भी आपसे कुछ सीख ले सके. बच्चों के गार्जियन को चाहिए कि समय पर सोये एवं समय पर उठे.आप जितना पंक्चुअल रहेंगे उतना ही आपके बच्चे भी आपको देखकर पंक्चुअल खुद ब खुद ही बनने लगेंगे. आज हम इस लेख के माध्यम से आपको बच्चों के सही समय पर सोने एवं उठने के तरीके के बारे में बताने वाले हैं. हमारे इस लेख में आप अंत – तक बने रहे हो सकता है कि आपको भी इस लेख के माध्यम से काफी सहायता मिल जाए.
बच्चों को उठने एवं सोने का सही समय
सही समय पर सोने एवं सही समय पर उठने से सेहत को बहुत ही लाभ मिलता है. कॉलेज एवं स्कूली बच्चों को कम से कम 6 घंटे से लेकर 8 घंटे तक अच्छी नींद हो जाए उसी हिसाब से शाम को भी सो जाना चाहिए . प्रातः काल उठने से आपको ध्यान , व्यायाम और अन्य दैनिक कार्यों को करने के लिए पर्याप्त समय भी मिल जाता है. जरूरी दैनिक कार्यों को करने से आपका शरीर सदैव स्वस्थ एवं तंदुरुस्त रहता है. बच्चे हो या फिर बड़े अपना एक सही समय पर सोने एवं उठने का शेड्यूल तैयार कर ले, जिससे उनको सुबह उठने में आसानी होगी.
बच्चों को जल्दी सुलाने के क्या तरीके हो सकते हैं ?
यदि बच्चों के गार्जियन चाहते हैं, कि उनका बच्चा सुबह जल्दी उठे तो आपके बच्चे को सर्वप्रथम जल्दी सोना भी होगा. नीचे हमने कुछ टिप्स बताए हुए हैं , जिससे आपके बच्चे का सोने का शेडूल तैयार हो सकता है और आपका बच्चा सुबह जल्दी उठकर खुद को स्वस्थ भी रख सकता है.
सोने से पहले जरूरी कार्य को शीघ्र खत्म करें –
रात को सोने से कम से कम 30 मिनट पहले अपने दैनिक कार्यों को बच्चों को बोले खत्म कर ले और थोड़े टाइम तक पढ़ाई जैसी शांतिपूर्ण गतिविधियां उनसे करवाए . ऐसा करने से बच्चों को लगेगा कि अब सोने का समय हो गया है और वह पढ़ाई करते -करते अपने समय पर सो जाएंगे.
. रात को सोने के लिए एक सही समय निर्धारित करें –
अपने बच्चों को सही समय पर सुलाने के लिए सर्वप्रथम उसके उम्र एवं उसके स्वभाव के हिसाब से उसके सोने का एक अनुमानित समय निर्धारित करें. हम आपको आसान शब्दों में समझाएं तो एक छोटा बच्चा जब सोने जाता है, तो उसको लगभग 5 मिनट का समय लगता है, परंतु जब 1 साल या 1 साल से अधिक उम्र के बड़े बच्चे सोने जाते हैं, तो उनको छोटे बच्चों से ज्यादा समय लग जाता है. यही कारण है, कि छोटे बच्चे जल्दी सोते हैं, तो वहीं बड़े बच्चे अपने उम्र के हिसाब से सोने के लिए अधिक समय ले लेते हैं. इसीलिए अपने बच्चों को छोटे-पन से ही सोने के लिए एक निर्धारित दिनचर्या को तैयार करना चाहिए, जो आगे चलकर यही आदतें बच्चों को सुबह जल्दी उठने में सहायक होंती हैं.
. बच्चों को जल्दी सुलाने के लिए सही समय का पालन अवश्य करें –
यदि आप अपने बच्चों के अंदर जल्दी सोने एवं उठने जैसी अच्छी आदतें डालना चाहते हैं, तो उसके लिए सर्वप्रथम अपने बच्चे को एक ही वक्त पर रोजाना सोने की आदत डाले. ऐसा करने से बच्चे को पर्याप्त मात्रा में नींद भी मिल जाएगी और वह सुबह जल्दी उठने में भी सक्षम हो जाएगा. इसीलिए जरूरी है, कि आप अपने बच्चों के सोने का एक ही वक्त निर्धारित करें और उसी वक्त आप अपने बच्चों को सुला दें.
. बच्चों को सोने से पहले जरूर करें इन गतिविधियों को
बच्चों को समय पर सुलाने से पहले उनके साथ कुछ इन जरूरी गतिविधियों को करना चाहिए जैसे बच्चों का चेहरा धोना, रात को सोने वाले कपड़ों का इस्तेमाल करना . यह सभी जरूर करें . यदि आप इन सभी जरूरी गतिविधियों को बचपन से ही अपने बच्चों को सिखाते है , तो यह आगे चलकर बच्चों के दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बन जाती है.
. अपने बच्चों को अच्छी नींद के लिए करें यह काम –
बच्चों को सुलाते समय उनको अच्छी एवं सकारात्मक वस्तुओँ के बारे में जानकारियां उनको अवश्य प्रदान करें . अपने बच्चों को सोते वक्त वीरता एवं शौर्य की गाथाएं जैसी कहानियां भी सुनाएं. ऐसा करने से आपके बच्चे को अच्छी नींद आएगी एवं वह एक सकारात्मक ऊर्जा के साथ सुबह उठने में सक्षम रहेगा
. अपने बच्चों को सुलाते वक्त उसकी पसंद की वस्तुएं उसके पास अवश्य रखें
बच्चों को ज्यादातर उनकी पसंद की चीजें अपने पास ऱखकर सोना अच्छा लगता है. इसीलिए यह जरूरी है , कि बच्चों को चलाते वक्त उनकी पसंद की वस्तुएं जैसे उनका खिलौना , तकिया आदि उनके सोते वक्त उनके करीब जरूर रखें . ऐसा करने से बच्चों को सोते समय आराम महसूस होता है और वे खुद को शांत महसूस करके सो जाते हैं.
बच्चों को सुबह जल्दी उठने की आदत कैसे डालें ?
यदि आप अपने बच्चों को सुबह उठने की आदत ड़ालना चाहते हैं , तो नीचे कुछ टिप्स बताए हुए हैं. उनका अनुसरण करके अपने बच्चों की सोने की आदतों में बदलाव आसानी से कर सकते हैं.
. अपने बच्चों को जल्दी सुलाएँ –
बच्चों को सुबह उठने के लिए उनको रात को जल्दी सुलाना आवश्यक होता है. यदि आपके बच्चे देर रात तक जागते हैं ,तो वह सुबह जल्दी नहीं उठ सकेंगे और यदि वह सुबह जल्दी उठ भी जाते हैं , तो वह खुद को सुस्त महसूस करेंगे और उनका पढ़ाई में बिल्कुल भी मन नहीं लगाएगा. इसलिए जरूरी है, कि आप अपने बच्चों को रात को जल्दी सुलाएँ हो सके तो उनसे स्मार्टफोन या फिर पीसी गेम को रात में सोते वक़्त उनसे दूर रखें. अपने बच्चों को इन गैजेट के इस्तेमाल की जगह किताबे या फिर कॉमिक्स बुक पढ़ने के लिए कहें . ऐसा करने से बच्चे पढ़ते- पढ़ते समय पर सो जाएंगे.
. अलार्म का प्रयोग करके बच्चों को उठाएं सुबह जल्दी –
अपने बच्चों को सुबह जल्दी उठाने के लिए अलार्म सेट करें और जैसे ही अलार्म बजे अपने बच्चों को उठाकर दैनिक कार्यों को करने में लगा दे. यदि आप अपने बच्चों को अलार्म बजने के तुरंत बाद दैनिक कार्यों में नहीं लगाएंगे तो वह दोबारा से सो जाएगा और वह उठने में खुद को असमर्थ महसूस करेगा. इसीलिए यह जरूरी है, कि आप खुद भी अलार्म के साथ अपने बच्चों को जगाएं और दैनिक कार्यों को करने के लिए उनको प्रेरित करें.
. रात को सोते वक्त फास्ट फूड का प्रयोग बच्चों को करने से रोके –
रात में अपने बच्चों को फास्ट फूड जैसी खाद्य पदार्थ का सेवन ना करने दे. यदि आपका बच्चा फास्ट फूड का प्रयोग रात में सोने से पहले करता है , तो उसको सुबह उठने में परेशानी होगी क्योंकि , यह सभी फास्ट फूड की चीजें स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होती हैं. रात में सोने से पहले आप अपने बच्चों को हल्का खाना खिलाए. ऐसा करने से बच्चे का स्वास्थ्य भी ठीक रहेगा और वह खुद को एनर्जेटिक भी महसूस करेगा.
. सुबह बच्चों को उठाकर उनका आलस्य दूर करें –
जब आपका बच्चा सुबह उठ जाए तो , सर्वप्रथम आप अपने बच्चों का मुंह, हाथ धुलवाएं और उनके आंखों में कुछ पानी की बूंदे भी मारे. ऐसा करने से आपका बच्चा खुद को एकदम तरोताजा महसूस करेगा और उसका आलस्य भी उससे दूर भागेगा.