आत्मविश्वास बढ़ाने के उपाय | Increase Self Confidence Tips In Hindi

ये आत्मविश्वास बढ़ाने के तरीके मेरे अनुभव के आधार पर हैं और इनसे मुझे सो प्रतिशत लाभ मिला हैं इसलिए अब मैं यह आप सबसे शेयर कर रही हूँ. आत्मविश्वास जीवन का आधार हैं, अगर इसमें कमी होती हैं तो जीवन का आधार हिल जाता हैं. किसी में कितना ही बड़ा गुण क्यूँ ना हो अगर उसमे आत्मविश्वास नहीं है तो वह गुमनामी की जिन्दगी जीता हैं.

आत्मविश्वास बढ़ाने के उपाय | Increase Self Confidence Tips In Hindi

मुझमे भी आत्मविश्वास की बहुत कमी थी. एक वक्त था जब मैं घर में माँ, पापा और भाई के अलावा किसी से बात नहीं करती थी और स्कूल में भी चुप रहती थी लेकिन अक्सर ही उन विद्यार्थियों को देखकर, जो कई तरह की शाला गतिविधियों में भाग लेते थे, मेरा भी मन करता था, कि मैं भी उनके समान पढाई के अलावा अन्य कुछ गतिविधियों में हिस्सा लू.लेकिन मुझे बहुत डर लगता था. मैं कभी कक्षा में आगे जा कर बोलने की हिम्मत नहीं कर पाती थी.

आत्मविश्वास बढ़ाने के उपाय आसान तरीके (How to Increase Self Confidence Tips)

लेकिन आपको जानकर आश्चर्य होगा कि आज मैं कई शादियों में संगीत सेरेमनी में होस्टिंग करती हूँ. मुझे हिंदी कविता लिखने का शौक हैं और इसी के ज़रिये मैंने सबसे पहले अपनी मौसी के घर की शादी के संगीत फंक्शन में माइक हाथ में लेकर पुरे फंक्शन का सञ्चालन किया था| पहली कविता पढ़ते वक्त मेरे कान में एक अजीब सी आवाजे आ रही थी. डर के कारण मेरी आवाज़ कांप रही थी और मुझे सांस लेने में भी दिक्कत हो रही थी लेकिन मेरी कुछ लाइन्स सुनने के बाद जब सभी श्रोताओं ने तालियाँ बजाई| मुझमे हिम्मत आ गई और धीरे-धीरे आज में इस मुकाम पर हूँ कि कहीं भी किसी भी फंक्शन का सञ्चालन पुरे कॉन्फिडेंस के साथ कर सकती हूँ. बस मुझे दुःख इस बात का हैं कि अगर यह डर स्कूल, कॉलेज के दिनों में चला जाता तो मैं अपनी इच्छायें पूरी कर पाती लेकिन देर आये दुरुस्त आये. आज जब तालियाँ बजती हैं और मेरी माँ के चेहरे पर मुस्कान आती हैं तो मुझे कुछ याद नहीं आता और वो पल मेरे लिए याद बन जाता हैं.

अपने आप से झूठ ना बोले : 

सबसे पहले अपने अंदर की कमी, डर और आत्मविश्वास में कमी के बारे में खुद से कहे उसे अच्छे से स्वीकार करे और ठान ले कि इसे हर हाल में ठीक करना हैं. जैसे मैं खुद बचपन से मोटी थी जिसके कारण घर से बाहर भी नहीं निकलती थी ना किसी से ज्यादा बात करती थी इसी तरह मैंने अपना ग्रेज्यूएशन पूरा कर लिया लेकिन उसके बाद मैंने ठान ली और अपना वजन कम किया जिससे मुझमे कुछ भी कर सकने का आत्मविश्वास पैदा हुआ साथ ही अपने आपसे प्यार करने लगी. इसलिए जरुरी हैं अपनी कमी को समझे और उसे दूर करने का प्रयास करें.

ऑय कॉन्टेक्ट करे : 

किसी से भी बात करते वक़्त उससे नजरे मिलाकर बात करे आपमें अपने आप ही आत्मविश्वास की वृध्दि महसूस होगी.और किसी से बात करते वक्त ना डरे. सामने जो हैं वो भी एक इन्सान हैं और उनमें भी समझ हैं अगर आप नए हैं तो वे समझेंगे आपकी परेशानी को.

अपनों के बीच से शुरुवात करें : 

अगर आपमें आत्मविश्वास की कमी हैं जैसे आप कई लोगो के बीच बोल नहीं पाते| ऐसे में बोलने की शुरुवात घर के सदस्यों एवम दोस्तों के बीच करे और मजाक उड़ने से ना डरे.घर के छोटे-छोटे फंक्शन में अपना योगदान दे और अपना सो प्रतिशत लगायें इससे आपका आत्मविश्वास बढेगा.

जिम्मेदारी ले : 

घर, स्कूल, कॉलेज अथवा ऑफिस जैसी जगहों पर किसी भी गतिविधी में ज़िम्मेदारी ले और उसे जोश के साथ पूरा करे. इससे भी आपमें आत्मविश्वास पनपता हैं|

स्ट्रेटेजी बनाये :

 कोई भी काम करने के लिए एक रफ पृष्ठ भूमि बनाये जिसमे कार्य का पूरा ब्यौरा शामिल करे और परिणाम का भी एक अनुमान लगाये अगर इसी ट्रैक पर काम करेंगे तो आपको सही गलत का परिचय होगा और इससे आपमें आत्मविश्वास आएगा.

नकारात्मक सोच से दूर रहे : 

किसी भी काम के ना हो पाने की आशा लेकर काम ना करें ऐसा करने से आपका आत्मविश्वास और उत्साह दोनों कम होगा हमेशा काम के होने की जितनी भी गुंजाईश हैं उसे लेकर चले.

आँख खोल कर सपने देखे : 

आप जो काम नहीं कर पाते कल्पना करे कि आप वो ही काम कर रहे हैं जिससे सभी खुश हैं आप भी खुश हैं और सभी आपकी तारीफ कर रहे हैं इससे आपमें सकारात्मक भाव आता हैं जिससे आपका आत्मविश्वास बढ़ता हैं.

गलती करने से ना डरे : 

इसके लिए एक किस्सा बताती हूँ. एक बार अपने एक दोस्त को मैंने कहा मुझसे प्रेजेंटेशन नहीं देते बनता मुझसे किसी के सामने बोला नहीं जाता मेरी आवाज में कम्पन्न होता हैं इस पर उसने हँसते हुए कहा कि क्या डरना ज्यादा से ज्यादा तू नहीं बोल पाएगी और तुझे डाट पड़ेगी लेकिन कोई तुझे मरेगा नहीं. कम से कम तू कोशिश करेगी तो गुंजाईश हैं अगली बार कर पायेगी. उसकी यह लाइन मेरे दिमाग में बैठ गई और मैने अपने सबसे बड़े डर को दूर किया टाइम लगा पर आज मुझे कही भी कभी भी बोलने को बोल दीजिये मैं वो कर सकती हूँ. उसी तरह मैं आपसे कहती हूँ कि गलती होने पर डरने या घबराने की जरुरत नहीं हैं अगर ऐसा हुआ तो आप कभी कोशिश नहीं करेंगे इसलिए अपने दरवाजे खुद बंद ना करें.

 फ़ैल होने से ना डरे   : 

हमेशा सही परिणाम की कल्पना ना करे. कभी-कभी निराशा भी मिलती हैं पर उसे स्वीकार करें क्यूंकि गलती से ही इंसान सीखता हैं जो नीचे गिरते हैं वो ही बुलंदियाँ छूते हैं इसलिए फ़ैल होने से अपने आत्मविश्वास को कम ना होने दे बल्कि अपनी गलती का अवलोकन करे और उसे सुधारे.

अच्छे लोगो का अनुसरण करें : 

अपने से बेहतर व्यक्ति के अच्छे गुणों को अपने जीवन में शामिल करें. महापुरुषों की जीवनशैली जाने और उन्हें अपने जीवन में उतारे इससे आपमें अच्छी आदतों का विकास होता हैं जिससे अच्छे परिणाम आते हैं और आप अपने आप में आत्मविश्वास का अनुभव करते हैं.

समय के साथ खुद में बदलाव लाये : 

समय के हिसाब से खुद को ढाले जैसे बोल चाल, पहनावा और फेशन. ये सभी जरुरी हैं भले ही बहुत अधिक नहीं लेकिन बदलाव से आप खुद में उत्साह महसूस करेंगे.स्टाइलिश रहने से भी आत्मविश्वास बढता हैं.

यह सभी टिप्स आसानी से आप अपने जीवन में उतार सकते हैं इससे आप खुद में आत्मविश्वास के सस्थ उत्साह और ख़ुशी एवम संतुष्टी का भाव भी महसूस करेंगे. आत्मविश्वास एक बहुत जरुरी चीज़ हैं इसके होने से ज़िन्दगी की कई मुश्किलें आसन हो जाती हैं.